'सतलुज' फिल्म विवाद के बीच रवनीत सिंह बिट्टू ने साझा की आतंकवाद के दौर की तस्वीरें, बोले- पंजाब का पूरा इतिहास सामने आना चाहिए

1000258836

Amid the controversy surrounding the film 'Satluj'

अमृतसर। Amid the controversy surrounding the film 'Satluj', जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ पर रोक लगने के बाद से ही पंजाब का एक पुराना और दर्दनाक जख्म फिर से हरा हो गया। इस प्रतिबंध के बाद राज्य में आतंकवाद के उस दौर को लेकर राजनीतिक बहस चरम पर पहुंच गई है। जहां एक तरफ विपक्षी दल उस समय की सरकारों की भूमिका पर तीखे सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है।

रवनीत बिट्‌टू ने उस खौफनाक दौर की कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जिसने पूरे पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। बिट्टू का साफ कहना है कि पंजाब के इतिहास को किसी एक चश्मे से नहीं देखा जा सकता, बल्कि आने वाली पीढ़ी के सामने पूरा सच आना चाहिए। उन्होंने सवाल पूछा है कि क्या कभी कोई इस पर भी फिल्म बनाएगा। बिट्‌टू लगातार अपने इंटरनेट अकाउंट्स पर आतंकवाद के दौर की पोस्टों को साझा कर रहे हैं। 

katra ahluwalia pic

अमृतसर में हुए बम धमाके के बाद का दृश्य, जिसकी वीडियो को बिट्‌टू ने साझा किया।

बम धमाके की वीडियो जारी कर मांगा जवाब

पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने 80 व 90 के दशक में हुए खतरनाक रेडियो बम धमाकों का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उस दौर में आतंकवादी सार्वजनिक जगहों पर रेडियो, ट्रांजिस्टर या बच्चों के खिलौनों में बम छिपाकर रख देते थे। जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति या बच्चा उन्हें उठाता, भयानक विस्फोट हो जाता था। इस तरह की कायराना हरकतों से पूरे सूबे में खौफ फैलाया जाता था और शाम होते ही गलियों में सन्नाटा पसर जाता था। बिट्टू ने जोर देकर कहा-

  • इतिहास का केवल एक पहलू नहीं, बल्कि पूरा सच जानना आवश्यक है।
  • यह वह दर्द है जो पंजाब ने अपने निर्दोष लोगों की कुर्बानियों से सहा है।
  • हर पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और उन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
  • सच्ची शांति केवल सत्य के मार्ग से ही प्राप्त होती है।

बच्चों के सामने प्रिंसिपल को मारी थी गोली

एक अन्य वीडियो में उन्होंने सरकारी स्कूल की बहादुर महिला प्रिंसिपल निर्मल कांता की तस्वीर साझा करते हुए चुनौती दी कि अगर किसी में सच दिखाने की हिम्मत है, तो इस दर्दनाक घटना पर फिल्म बनाकर दिखाए। बिट्टू ने दावा किया कि वर्ष 1990 में आतंकवादियों ने स्कूल परिसर के भीतर मासूम बच्चों के सामने इस प्रिंसिपल की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी।

उनका अपराध सिर्फ इतना था कि उन्होंने गरीब बच्चों की भलाई के लिए आतंकवादियों द्वारा तय किए गए ड्रेस कोड को लागू करने के लिए थोड़ा समय मांग लिया था। इस मामूली बात पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा ने उनकी जान ले ली। बिट्टू ने कहा कि ऐसी वीरांगना का बलिदान भी दुनिया के सामने आना जरूरी है।

up bus

यूपी रोडवेज की बस, जिसे आतंकियों ने बम से उड़ाया था।

हथियारों के साथ दिखाया आतंकियों का फोटोशूट

एक अन्य पोस्ट में बिट्‌टू ने आतंकवाद के दौर की उन तस्वीरों को साझा किया, जिसमें आतंकियों को हथियारों के साथ दिखाया गया। बिट्‌टू ने बताया कि 90 के दशक में पंजाब ने आतंकवाद का वो खौफनाक दौर देखा, जिसने अनगिनत परिवारों को गहरे जख्म दिए। हिंसा और बंदूकों के उस दौर से निकलकर आज पंजाब शांति और भाईचारे की राह पर बढ़ रहा है। इस पोस्ट में बिट्‌टू ने कहा- 

  • ये 90 के दशक की तस्वीरें हैं, आज के किसी प्री-वेडिंग फोटोशूट की नहीं।
  • AK-47 और ड्रम मैगजीन लेकर घूमने वाले ये कौन थे, जिनके सिरों पर लाखों का इनाम था?
  • जिन्होंने निर्दोष लोगों को बसों और बाज़ारों से निकालकर गोलियों का निशाना बनाया।
  • शाम के 5 बजते ही पूरे पंजाब में सन्नाटा पसर जाता था। माताओं के लाल, बहनों के भाई एक झटके में खत्म कर दिए जाते थे।
  • आज भी उन परिवारों के बच्चे वो खौफनाक रातें याद करके कांप जाते हैं।
  • यह था 90 का दशक—खून से लिखा इतिहास। चली हुई गोली ने कभी हिंदू या सिख नहीं देखा।
  • हथियारों और हिंसा का दिखावा कभी भी पंजाब का भविष्य नहीं हो सकता।
  • आज पंजाब को हथियारों की नहीं, बल्कि शांति, तरक्की और आपसी भाईचारे की जरूरत है।

पंजाबियों ने सहा नुकसान

आतंकवाद के दौर में अमृतसर में हुए बम धमाके से जुड़ा एक अन्य पुराना वीडियो भी बिट्‌टू ने साझा किया। कटड़ा आहलूवालिया में हुए इस धमाके में 15 लोगों की जान गई थी। बिट्टू ने इस वीडियो को साझा करते हुए कहा कि उस दौर में बम धमाकों और हिंसा में सबसे बड़ा नुकसान पंजाब और पंजाबियों का हुआ।

उन्होंने लिखा कि मरने वाले भी पंजाबी थे और अपनों को खोने वाले भी पंजाबी थे। ऐसे कई दर्दनाक किस्से और वीडियो हैं, लेकिन पुराने जख्म फिर से नहीं कुरेदने चाहिए। इस पोस्ट में बिट्‌टू ने दुआ भी मांगी कि पंजाब अमन शांति की राह पर चलता रहे।